HEALTH

     स्वास्थ्य :-

 (1) नींद पद्धति:- हाइपरटेंशन, डिप्रेशन, मोटापा, यह रोग व्यस्त जिवन शैली एवं निंद नही आने के कारण होती है। अत: हम इसे आयुर्वेद में “निंद पद्धति” से उपचार करते है। आयुर्वेद में नींद चिकित्सा, आयुर्वेदिक मालिश के पद्धति से अनुभवी  पैरामेडिकल स्टाफ  व्दारा किया जाता है ।


(2) आयुर्वेद,योग,नेचुरोपैथी,भोजन पद्धति(डाएट थेरेपी) के व्दारा सभी असाध्य रोगो का ईलाज किया जाता है। जैसे-सभी प्रकार का बुखार, सभी प्रकार के पेट संबंधीत रोग, स्त्री या पुरुष वाँझपन, गुप्त रोग एवं सेक्स रोग, हेपाटाईटिस, पिलिया, डाइवेटिज, लिवर, एड्स, रोग प्रतिरोधक संवंधीत रोग, शारीरिक कमजोरी, इत्यादी। विशेष परिस्थिति मे अथवा असाध्य रोग मे, सलाह लेने के लिए रोगी को ले कर आना होगा. एच.आई.वी/एड्स कि आयुर्वेदिक दवा मात्र ३ माह कि खुराक ₹ 7500/- में दि जाती है| कृप्या इसे सभी को शेयर करें, ताकी जिंदगी बचाई जा सके|

(3) मुख्यतः आयुर्वेद, आवश्यकतानुसार सभी पध्दती। हमारा उद्देश्य समाधान करना है। पैथ लागु करना नही। यदि आप किसी भी प्रकार की विमारी से पीड़ित है। उपचार कराकर थक गए है। आप समुचित उपचार की तलाश कर रहे है। हमसे संपर्क करे। विशेष कोई भी सवाल हो, हमसे पुछे। इसे अन्य लोगो को भी बताए, शेयर करे, ताकी असाध्य रोगो से महत्वपुर्ण जिंदगी बचाई जा सके।रोग की परिस्थिति के आधार पर,चिकित्सा सलाह एवं सेवा दिया जाता है। मरीज को एक बार अवश्य आना होगा। समान्य  सलाह शुल्क: 50 / – भारतीय रुपए.  

             Health:-

(1) Sleep Therapy: – Hypertension, Depression, Obesity, this disease is caused by the hectic Life style and not sleepy. Therefore, we in Ayurveda “sleepy Therapy” of treatment is. Sleep Tharapy in Ayurveda, Ayurvedic massage method be monitored by experienced paramedical staff .


(2) Ayurveda, yoga, Naturopathy, Diet Therapies are treated by all the incurable diseases. Such as All type fever,All types of stomach related disease, female or male infertility, covert disease and sex disorders, hepatitis, jaundice, diabetes, liver, AIDS, disease-resistant vascular disease, physical impairment, etc. in specific circumstances or in incurable disease, you must bring the patient to seek advice.  
Ayurvedic medicines of HIV / AIDS are given only in 3 months dose ₹ 7500/- Please share it to all, so that life can be saved. 

(3) Mainly Ayurveda, all the methods as required. Our objective is to solve. Do not apply the path. If you are suffering from any kind of illness. Tired of being treated. You are looking for proper treatment. Contact us. Ask any special questions, ask us Share it to other people, share it, so that important lives can be saved from irrelevant diseases.  On the basis of the condition of the disease, medical advice and service is given. The patient will have to come once.  Normal “consultation fee 50 / – Indian Rupees.

                           *सेफ पीरियड्स के बारे में कैसे जानें :-
महिलाएं हमेशा से प्रेग्नेंसी से बचने के लिए अपने सुरक्षित पीरियड की जानकारी रखती है। अगर आप अपने पीरियड की सही तिथि को याद रहेगी तो, आपको इसकी गणना करने में काफी आसानी रहेगी । अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो, डिंबोत्सर्जन पंचांग आपको बताएगा कि आपका कौन सा दिन कंसीव करने के लिये अच्छा रहेगा। ऐसा आपके पीरियड का आखिरी दिन देख कर और औसत चक्र की लंबाई को ध्यान में रख कर किया जाता है। अगर आप गर्भवती नहीं होना चाहती हैं तो, अपने पीरियड की तिथि को नोट करना ना भूलें, या, फिर कंडोम का प्रयोग जरूर करें। सिर्फ सेक्स करने से महिलाएं गर्भवती नहीं होती हैं।बल्कि सही समय पर सेक्स करना भी मायने रखता है। यह बात ध्यान देने योग्य है कि पुरुष के शुक्राणु हमेशा लगभग एक जैसे ही होते हैं, जो महिला को गर्भवती कर सकते हैं. लेकिन महिला का शरीर ऐसा नहीं होता जो कभी भी गर्भवती हो सके। उसका एक निश्चित समय होता है, एक छोटी सी अवधि होती है। यदि आप उस अवधि को पहचान कर उस समय सेक्स करते हैं तो, गर्भधारण की संभावना आश्चर्यजनक रूप से बढ़ जाती है। 28 दिन के मासिक धर्म के साइकिल में 14वें दिन ओवुलेशन का है, जो पीरियड शुरू होने के बाद से गिना जाता है, इस दौरान 12 से 18 दिन के बीच में सेक्स करने से गर्भ ठहरता है।
ओवुलेशन चक्र:- पीरियड्स के सात दिन बाद ओवुलेशन साइकिल शुरू होती है, और यह माहवारी या पीरियड्स के शुरू होने से सात दिन पहले तक रहती है। ओवुलेशन पीरियड ही वह समय होता है, जिसमें कि महिला गर्भधारण कर सकती है, और इस स्थिति को फर्टाइन स्टेज भी कहते हैं। गर्भधारण के लिए, जब भी सेक्स करें तो, ओवुलेशन पीरियड में ही करें। अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगायें। इसके लिए आप चिकित्सक से संपर्क भी कर सकते हैं। मासिक धर्म या पीरियड्स हर माह हर युवती की जिंदगी में तीन से पांच दिन तक रहता है। दूसरे शब्दों में कहें तो, इस समय गर्भाशय से स्राव होता है। मासिक चक्र आपकी प्रजनन प्रणाली में परिवर्तन लाता है, जिससे महिलाएं प्रजनन के लिए तैयार होती हैं। इससे माह के 5-7 दिनों तक गर्भाशय की  गर्भधारण की क्षमता बढ़ती है। यह क्षमता प्रत्येक महिला में अलग-अलग होती है, और कुछ में यह महीने में केवल 2-3 दिनों की भी होती है।प्रजनन प्रणाली प्रत्येक महिला में 12-16 वर्ष की आयु से शुरू होकर मेनोपॉज तक चलती है।
अनियमित मासिक धर्म:- अनियमित मासिक धर्म उस तरह के रक्तस्त्राव को कहते हैं, जो किसी महिला में पिछले माह के चक्र से अलग होता है। ऐसे में माहवारी देर से या समय से काफी पहले शुरू हो जाती है और उस दौरान रक्तस्त्राव सामान्य या उससे कहीं अधिक होता है। स्वस्थ महिला के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे तीन हार्मोन्स मौजूद होते हैं। कभी-कभार इन हार्मोन्स में गड़बड़ हो जाती है, जिसके कारण मासिक धर्म प्रक्रिया में परिवर्तन आते दिखते हैं। जब कोई लड़की किशोरावस्था में पहुँचती है, तब उनके अंडाशय, इस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन उत्पन्न करने लगते हैं। इन हार्मोन की वजह से हर महीने में एक बार गर्भाशय की परत मोटी होने लगती है और वह गर्भ धारण के लिए तैयार हो जाता है।इसी बीच कुछ अन्य हार्मोन अंडाशय को एक अनिषेचित डिम्ब उत्पन्न एवं उत्सर्जित करने का संकेत देते हैं। अधिकतर लड़कियों में यह लगभग 28 दिनों के अन्तराल पर होता है.

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* Learn about how safe period: –
Women to avoid pregnancy always carries information of your safe period. If you will recall the exact date of your period, the law will be calculated quite easily if you want to Kansiv, Kansiv ovulation calendar will tell you which of your day to be nice. Seeing this, the last day of your period and the average length of the cycle is to keep in mind. If you do not want to be pregnant, be sure to note the date of your period, or, again, must use condoms. Rather than just sex was not pregnant women have sex at the right time is also important. It is worth noting that the man’s sperm are almost always the same, the woman can get pregnant. But the pregnant woman’s body would not do what ever possible. It is a certain time, there is a short period. If you identify the period when the sex, surprisingly increases the chances of conception. In the 14th day of the menstrual cycle of 28 days of ovulation, which started after the period is counted from the day between 12 and 18 to have sex during pregnancy is justified.
Ovulation cycle – seven days after periods Ovuleshn cycle begins, and the seven days before the onset of menstruation or periods lasts. Ovuleshn period is the time at which the woman can conceive, and this condition is also called Stage Frtain. For pregnancies, so whenever sex, Ovuleshn period only. Explore your Ovulation cycle. For this you can contact the doctor. Menstrual periods every month or every three to five days in the life of young lives. In other words, this is the time to discharge from the uterus. Changes in menstrual cycle, your reproductive system brings the women are ready for reproduction. This month 5-7 days, increasing the efficiency of uterine pregnancies. This capability is different in each woman, and in a few months, And in a few months, it is also only 2-3 days. Reproductive system in all women 12-16 years of age menopause starts moving up.
Irregular menstruation – irregular menstrual bleeding like that says a woman’s cycle is different from the previous month. So, long before the time menstruation or late starts and during that bleeding is normal or more. Healthy female body estrogen, progesterone and testosterone, there are three hormones. Sometimes goes wrong in these hormones, causing changes in the menstrual process, come look. When a girl reaches adolescence, when their ovaries to produce estrogen and progesterone, the hormones start. Once every month because of these hormones in the uterine lining becomes thick and gets ready to conceive an unfertilized egg  is why some other hormones the ovaries to produce and release indicates. Most of the girls are at intervals of approximately 28 days.

 स्वास्थ्य रक्षा: सावधानी

*(१) सुवह शौच से पूर्व शुध्द जल पीने से शरीर के अनेक रोग दूर होते है।

*(२) हाथ मुह धोते समय आँखो मे शुध्द जल के छींटें मारने से आँखों की रोशनी   बढ़ती है।

*(३) भोजन के बाद मूत्र त्याग करने से गुर्दे का दर्द नही होता है।

*(४)भोजन के बाद न्यूनतम सौ कदम अवश्य चलें।

*(५) भोजन तुरन्त बाद संभोग नही करना चाहीए, इससे पेट की अनेकों बिमारियाँ  होती है। 

Health Care: caution

*(1) morning before defecation drink fresh water from the body,  many diseases are away.

*(2) hands while washing his face in the eyes eyesight fresh water  rising by hitting splatters.

*(3) After the meal, which is not painful to pass urine from the  kidney.

*(4) After the meal must go at least hundred steps.

*(5) Do not sex, you say immediately after a meal, the stomach  has several diseases.

कैंसर के कुछ उदाहरण:-

*फेफड़ा कैंसर के लक्षण- तीन सप्ताह से ज्यादा खाँसी, खुन आना, आवाज मे अचानक वदलाव, अचानक वजन कम होना, एक्स-रे मे नई परछाई दिखना, ध्रुमपान की आदत होना, ईत्यादी।

*गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लक्षण- ज्यादा यौन संबंध सक्रियता, खुन आना, कमउम्र मे शादी, कमउम्र मे माँ बनना, अनियमित रक्तस्राव, अनियमित मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, दो बार से ज्यादा गर्भपात, पैप स्मीयर परीक्षण का परिणाम असमान्य, गर्भाशय और जननांग में सुजन अथवा भारीपन, ईत्यादी।

*स्तन कैंसर के लक्षण- उम्र के 12 वें वर्ष से पहले ही मासिक धर्म शुरु हो जाना, उम्र के 30 वें वर्ष के बाद माँ बनना, पूरे स्तनपान केवल अधिकतम 6 महीनों तक, वंशानुगत, आकार मे बदलाव, गाँठ, ईत्यादी।

*पौरुष ग्रंथि कैंसर लक्षण- पेशाब करते समय परेशानी, बार बार पेशाब आना, पेशाब प्रवाह संबंधी समस्या, पेशाब के साथ जलन, पेशाब के साथ दर्द, पेशाब मे खुन आना, ईत्यादी।

*सिर और गर्दन कैंसर के लक्षण- मुँह मे लाल एवं सफेद धब्बे, गांठ (दर्द रहित या दर्द सहित ), सिर और गर्दन में सुजन, मुँह में दुर्गंध, आवाज मे बदलाव, नासिका संबंधी अवरोध, बंद नाक, खुन बहना, असामान्य स्राव, श्वास नली की परेशानी, चबाने की परेशानी, निगलने की परेशानी, जबड़ा की परेशानी, जीभ की परेशानी, कान की परेशानी, दांत की परेशानी, असमय दांत निकलना, अकारण वजन कम, थकान, असाध्य व्रण (घाव), दर्द, ईत्यादी।

Some examples of cancer: –

*Symptoms of lung cancer: More than three weeks cough, bleeding, sudden swelling in the voice, sudden loss of weight, new shadow in X-rays, habit of smoking, etc.
* Symptoms of cervical cancer: More sexual activity, hyperactivity, bleeding, marriage at a lower age, becoming a mother in a minor, irregular bleeding, irregular menstrual bleeding, menopause after menopause, abortion more than twice, results of Pap smear test, abnormal And swelling or heaviness in genitalia, etc.

* Symptoms of breast cancer: Menstrual cycle begins before the 12th year of age, becoming mother after 30th year of age, full breastfeeding up to maximum 6 months, hereditary, change in shape, knot, etc.

* Prostate cancer symptoms: Problems while urinating, frequent urination, urination related problems, burning with urination, pain with urination, bleeding in urine, etc.

* Head and neck symptoms of cancer – red and white spots in the mouth, lump (painless or painful), swelling in the head and neck, odor in the mouth, change in the sounds, nasal obstruction, close nose, bleeding, abnormal secretion The difficulty of breathing hose, the difficulty of chewing, the difficulty of swallowing, the jaw problems, the trouble of the tongue, the problems of the ear, the toothache, the toothache, unnecessary weight loss, fatigue, incurable scarring (wound), pain, etc

 

 

 

रोजगार: एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव.

रोजगार व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर जबर्दस्त प्रभाव डालता है. यह प्रभाव सकारात्मक और नाकारात्मक दोनो तरह से हो सकता है. बेरोजगार होने का प्रतिकूल असर व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. एक गलत स्थान पर काम करना , एक अस्वास्थ्यकर वातावरण मे काम करना, मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है. एक व्यक्ति का काम उसकी शारीरिक और मानसिक खुशी मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. काम का अत्यधिक दबाब व्यक्ति की कार्यक्षमता,विश्वास और व्यवहार पर प्रतिकूल असर डालता है. तनावपूर्ण वातावरण मे काम करने के कारण व्यक्ति मनोरोग का शिकार हो जाता है. तनाव से बचने के लिए अपनी जीवन शैली मे सकरात्मक परिवर्तन करना चाहिए. एेसे परिस्थिति मे भावनात्मक सहयोग एवं सलाह की जरुरत होती है ।

 

          Employment: a psychological effect.

Employment tremendous impacts on the mental health of the individual. This impact, both positive and negative can be. Being unemployed has adverse effects on the mental health of the individual. A wrong place to work, to work in an unhealthy environment, which can be harmful to mental health. A person’s work plays an important role in the physical and mental pleasure. Excessive pressure of work performance of individual belief and behavior adversely affects. Working in stressful environments because the person becomes a victim of psychiatry. To avoid stress positive changes in your lifestyle should. Conclave in circumstances requires emotional support and advice.

Call before coming. Diabetes(stomach), HIV/AIDS, cancer(tumor),asthma(respiration), white dermatitis/leucoderma(skin), jaundis/piliya (hepatitis), all diseases related to men’s/women’s disease (sex related/reproduction),piles(anus), All acute diseases (in no any way curable), Ayurvedic medicine, sure treatment.

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