SOCIAL HEALTH

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                स्वास्थ्य शिक्षा जागरुकता के लिए, जनहित मे जारी.

* असाध्य रोगो का इलाज संभव:- 

आज के बदलते दौर मे, भाग दौड़, समय नियोजन की कमी, उचित दिशा निर्देश का अभाव, रहन सहन का बदलाव, जीवन जीने की विवशता, भोजन पोषण एवं खान पान की अनुभव का अभाव, इत्यादि कई कारण है जो असाध्य रोगो को जन्म देती है.
 
* असाध्य रोग क्या है?
 
वैसी बिमारी जो व्यक्ति के लिए कष्टप्रद, लम्बे समय तक अथवा जीवन प्रयत्न रहने वाला, जिसका इलाज आसान एवं जल्द ठीक होने वाला नही हो, संभवतः रोग के रुप मे जीवन साथी जैसा मृत्यु तक साथ निभाता हो अथवा किसी भी चिकित्सा पध्दति के लिए असंभव अथवा अधिक समय तक दवा इलाज पर निर्भर रहने वाला हो अथवा इलाज मे एक अर्से तक लम्बा समय देना पड़ता हो, इस तरह की परिस्थिति अथवा लक्षण वाले रोगो को असाध्य रोग कहते है.
 
* क्या असाध्य रोगो का इलाज संभव है ?
 
अगर रोग के परीक्षण, लक्षण एवं परिस्थिति के अनुसार आवश्यक दवा, पथ्य, रख रखाव, प्राकृतिक साधन, भावनात्मक लगाव एवं मानसिक विश्वास के साथ, धौर्य, लगन,समय, श्रम के अनुपात मे रोग का इलाज किया जाए तो एक समय सीमा मे अवश्य सफलता मिलेगी.
आपके समझ हेतु कुछ असाध्य रोगो का विवरण प्रस्तुत है –
 
* (1) AIDS

एड्स से खुद को बचाए, और दुसरे को भी बचाइए, बचाव उपाय आपके हाथ मे है. एड्स का प्राथमिक इलाज संभव है.

* AIDS का वर्गीकरण इस प्रकार है –

A=acqired – उपार्जित, बाहर से प्राप्त,

I=immuno – रोग से बचने की क्षमता,

D=deficiency – कमी,
S= syndrome – रोगो लक्षणो का समूह .
अर्थात, AIDS ऐसे वायरस के कारण होता है, जो शरीर को रोगो से बचने की क्षमता को समाप्त कर देता है. इस वायरस को एचआईवी कहते है.

* HIV का वर्गीकरण इस प्रकार है –
H=human – मानव,
I=immuno deficiency – रोग से बचने की क्षमता मे कमी,
V= virus – विषाणु.

* Window period उस समय को कहा जाता है,जब कोई ब्यक्ति HIV से संक्रमित तो होता है, पर उस समय किसी भी जाँच से उसके संक्रमित होने का पता नही चलता है. यह अवधि 2 सप्ताह से 6 माह तक की हो सकती है. पर यह व्यक्ति असानी से दुसरे को संक्रमित कर सकता है.

* HIV तब फैलता है जब संक्रमित ब्यक्ति के साथ असुरक्षित ढ़ग से संभोग किया जाए, संक्रमित रक्त और रक्त उत्पादो को चढ़ाने से, दुषित सुई और सिरिंच के इस्तेमाल से, संक्रमित माँ से शिशु को जन्म से पुर्व, पश्चात या प्रसव के समय हो सकता है.

* AIDS से बचने के निम्न उपाय है –

अपने जीवन साथी से वफादारी, सुरक्षित संभोग, निरोध का उपयोग, केवल रोगाणुमुक्त सुइ और सिरिंच का इस्तमाल, रक्त या रक्त उत्पाद स्वीकार करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लेना कि उनकी HIV जाँच कर ली गई है, यौन रोगो का शीघ्रता से ईलाज करना. HIV मानव शरीर के सभी द्रव्यों यानी Body Fluids मे पाया जाता है. सुरक्षित रक्त दान करने से HIV संक्रमण संभव नही है. HIV positive व्यक्ति मे दुर्भाग्य से, HIV खुन के अलावा कई अंगो मे भी संक्रमण हो चुका होता है. जैसे – जिगर, दिमाग, तिल्ली, अस्थिमज्जा, इत्यादि . इसलिए शरीर का पुरा दुषित खुन निकालकर उसकी जगह शुध्द खुन चढ़ा दिये जाने पर भी HIV से छुटकारा नही मिल सकता.

* AIDS के तीव्र गति से फैलने के निम्न कारण है –

कार्यस्थल मे परिवर्तन होने से (migration), पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव मे आना तथा नई पीढ़ी व्दारा विवाह पूर्व यौन संबंध से,  ट्रक बस के चालक, नाविक, सैनिक, इत्यादि, जो कई दिनो तक घर से बाहर प्रवास पर रहते है, प्रवासी जनसंख्या, इत्यादि.

*AIDS के लक्षण तुरंत नही दिखाई पड़ते. HIV विषाणु शरीर मे प्रवेश कर के कुछ सप्ताह बाद, कुछ लोगो मे बुखार, शरीर दर्द, इत्यादि, फलू जैसे लक्षण दिखाई देते है. सभी के साथ ऐसा हो यह जरुरी नही. कुछ समय बाद ये लक्षण गायब हो जाते है. इसके बाद 3 साल से 12 साल तक कोई लक्षण प्रकट नही होते. इस दौरान एड्स रोग की पहचान ऊपरी तौर पर नही हो पाती. आखिरकार HIV ग्रस्त व्यक्ति मे रोगो से लड़ने की क्षमता नष्ट होने लगती है, तब एड्स के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देते है. जैसे – थकान, कम समय मे अकारण वजन घटना, लगातार दस्त लगना, बूखार, कई सप्ताह तक खाँसी. रात मे पसीना आना, एक से अधिक स्थानो पर गांठ या सूजन, गुप्त रोगो का ठीक न होना, बार बार दुबारा गुप्त रोग होना, etc.

*AIDS की रोकथाम –

एक ही जीवन साथी से यौन संबंध बनाऐ, मौज मस्ती वाले यौन संबंध से बचे, सुरक्षित यौन संबंध अपनाए, खुन संबंधी उत्पाद की HIV जांच करे, यदि खुन की आवश्यकता पड़े तो blood bank से जांचा हुआ ही खुन ले. जरुरत पड़ने पर HIV मुक्त खुन ही चढ़ाये. injection’s needle, other needle, नाई का उस्तरा, नाई का blade, नाक कान छेदने का तार, tattoing needle, इत्यादि को हर बार पानी मे 20 minute तक अच्छी तरह उबालने के बाद ही प्रयोग मे लाये. यौन रोग का ईलाज न करने पर यौन माध्यम से HIV संक्रमण होने का जोखिम बढ़ जाता है. जो एक से ज्यादा व्यक्ति से यौन संबंध अपनाते है, उन्हे HIV संक्रमण होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. यौन रोगो से गुप्तांगों पर होने वाले फोड़े फुनसियों से HIV आसानी से प्रवेश कर सकता है.

*याद रखे –

यौन रोग आपके लिए खतरनाक है, लेकिन प्रारंभिक चरण मे इलाज संभंव है. यौन रोग का लक्षण दिखते ही इसके इलाज के लिए संम्पर्क करे. AIDS के जांच का परिणाम बिल्कुल गुप्त रखे जाते है . AIDS संक्रमित व्यक्ति को वे सभी मानव अधिकार प्राप्त है,जो एक स्वस्थ्य व्यक्ति को प्राप्त है. शिक्षा, विवाह, नौकरी,ईलाज, ईत्यादि वह समान रूप से कर सकता है. AIDS संक्रमित व्यक्ति हमारे अपने ही समाज के अंग है. अनेक लोगो को AIDS अनजाने मे हो जाता है, उनसे सहानुभूति का वर्ताव करे. उनमे जीवन के प्रति नई लालसा पैदा करे. मानव होने के नाते यह हमारा दायित्व बनता है. AIDS से संबंधित गलत धारणा समाज मे व्याप्त है.

*अत: ध्यान रखे –

AIDS रोग के लिए प्राथमिक बचाव इलाज है. पूर्ण जानकारी के लिए चिकित्सक से संर्पक करे. AIDS संक्रमित व्यकित की देखभाल अन्य रोगीयों की तरह ही करे.

* AIDS निम्न से नही फैलता है –

आलिंगन करने से, एक दुसरे को चूमने से, खांसने से, छींकने से, एक दुसरे से हाथ मिलाने से, एक साथ खाना खाने से, मच्छर, कीड़े मकोड़े के काटने से, एक दुसरे का कपड़ा पहनने से, एक ही शौचालय का प्रयोग करने से, एक साथ सोने से, एक साथ बैठकर पढ़ने लिखने से, एक ही बस मे सफर करने से.

 

*(2) प्रजनन संबंधित रोग(गुप्त रोग) Sexual Disease:-
यह स्त्री एवं पुरूष दोनो मे कई प्रकार के रोग के अनुपात मे अनेक रोगो के रूप मे उभरता है.जैसे –

* (i)पुरूषो मे होने वाला रोग –

स्वप्नदोष (Natural Omission), शुक्राणु प्रमेह (Spermatorrhea), शुक्राणु शीघ्र पतन (Sperm Ejaculation), हस्तमैथुन (Masturbation), नपुंसकता (impotency), शुक्राणु हीनता (Azoospermia), शुक्राणु की कमी (Oligospermia), इत्यादि .

* (ii)स्त्री मे होने वाला रोग –

 बार बार गर्भपात होना (Rh Factor), गर्भ न ठहरना (non Sterlity), मासिकधर्म की गड़बड़ी/कम या ज्यादा होना अथवा अनियमित होना (Monthly Course problem), स्तन से दुध कम आना अथवा न आना (Lactation Disease), श्वेत प्रदर एवं रक्त प्रदर ((leucorrhoea), योनि दोष (Veginal  Disease), इत्यादि .

* (iii)वैसे रोग जो स्त्री एवं पुरूष दोनो मे समान रूप से पाये जाते है –

अल्प काम इच्छा(Hypo esthesia)अधिक काम इच्छा (Hyper esthesia), काम उतेजना (Aphrodisia),वाँझपन (sterility), प्रजनन अंग संक्रमण रोग (Reproductive Track Infection), मूत्रनली संक्रमण (Urinary Track Infection), आतशक (Syphlis), जननांगी वर्ण संक्रमण (Genital Ulcer Infection), सूजाक (Gonorrhea), प्रजनन संक्रमण रोग/शारिरीक संबंधों से संचारित रोग (Sexual Transmited Disease), यौन संचारी रोग/जननांग मे मस्सा (Human Pathogen Virus), क्लामेडिला (Chlamydia), ट्रिकोमोनियसिस (Trichomoniasis), उन्माद (Hesteriya), जन्मजात आतशक (By Born OR Heritage Syphilis), नरम नासूर (Cancoird), जननांग क्षेत्र के फोड़े / फोड़े पैदा करने वाला रोग / रतिज वर्ण फोड़े (Genital Ulcer Disease), दाद (Herpes), दाद छाजन (Herpse Zoster), इत्यादि.

* इन सभी गुप्त रोगो ने अधिकतर लक्षण पुरुष एवं स्त्री दोनो मे पायी जाती है. परन्तु कुछ गुप्त रोग, स्त्री एवं पुरुष मे अलग परिस्थितियो मे भिन्न दिखते है, जो रोग के लक्षण के हिसाब से एक जैसे होते है. जैसे – AIDS, बाँझपन, हिस्टीरीया, धातु क्षय, इत्यादि; स्त्री एवं पुरुषों दोनो को होता है. इन सभी गुप्त रोगो का लक्षण एवं इलाज अलग है, जिसमे कुछ रोग सरल इलाज वाले है, एवं कुछ रोग कठिन इलाज वाले है. स्त्री एवं पुरुष के सभी गुप्त रोगो का इलाज पुरी तरह से संभंव है.

* AIDS के मामले मे, संक्रमण के जल्दी की स्थिति मे, आशापूर्ण प्रयास व्दारा AIDS को ठीक किया जा सकता है. अन्य परिस्थिति मे, बचाव इलाज (prevention Treatment) से, कम से कम म्रत्यु से बचाकर पूर्ण सफल जीवन दवा के सहारे दिया जा सकता है. विभिन्न व्यक्ति की अपनी शारिरीक क्षमता एवं रोग के अनुपात मे, परिस्थिति, देखने एवं समझने पर ही पूरा इलाज संभव है. ”आशा ही जीवन है, निराशा ही म्रत्यु” यह कहावत AIDS पर पूरी तरह ठीक बैठती है .

* AIDS संक्रमण के वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय मूलभूत कारणों मे से ऐसे कई कारण है, जो संक्रमण के साथ शारिरीक परिस्थिति के रसायनिक संरचना को बिगाड़ती है, वे निम्न है- (a)संक्रमण रोग (Communicable Disease), (b)परजीवी संक्रमण (Parasitic Infection), (c)जोखिम वाला व्यवहार (Risk Behaviour), (d)यौन संचरण रोग संक्रमण (Sexual Transmited Disease Infection), (e)अन्य रोधी/प्रतिरोधी(Vaccination).

* सभी गुप्त रोगो के मामले मे विभिन्न दवा एवं इलाज है, जो रोग के दशा अनुपात के अनुसार दवा का मात्रा एवं दवा का विवरण निश्चित किया जाता है. अत: पूरी तरह ”चिकित्सा गोपनियता” मे आकर/संपर्क कर पूरी परिस्थिति का जायजा, स्थिति, परिस्थिति के अनुसार चिकित्सा करावें. संयम, सुरक्षा, भोजन, रहन सहन एवं उचित मार्गदर्शन सभी गुप्त रोग के लिए आवश्यक है. चिकित्सक के निर्देशानुसार ईलाज कराने से गुप्तांग रोग ठीक हे सकता है.

  Health education awareness, interest in the release.

* Possible to treat incurable diseases:-

In today’s changing times, running, time, lack of planning, lack of proper guidelines, lifestyle changes, compulsion to live, food, nutrition and lack of experience in catering, etc., there are several reasons that lead to chronic preventable ill gives.

* What is incurable disease?

For the same illness that annoying person or life long resident effort, which may not be easy to treat and recover soon, possibly in the form of disease that plays with death as life partner or for any medical system impossible or if living longer dependent on drug treatment or in the treatment has to be a long, long-term, such a situation or incurable disease called preventable ill with symptoms.

* What is possible to treat incurable preventable ill?

Testing the disease, according to the characteristics and circumstances necessary medication, dietary, maintenance, natural resources, emotional and mental confidence, The patience, perseverance, time, labor, should be proportional to treat disease, so a deadline will succeed in the course.
You have to understand the details of some incurable preventable ill –

* (1) AIDS.

Protect themselves from AIDS, and the other to save, rescue remedy is in your hands. AIDS is curable primary. treatment.

* AIDS is classified –
A = acqired – acquired from the outside,
I = immuno – the ability to avoid disease,
D = deficiency – lack,
S = syndrome – a cluster of symptoms preventable ill.
That is, AIDS is caused by a virus, which destroys the body’s ability to avoid preventable ill. HIV is the virus called.

* HIV is classified –
H = human – human,
I = immuno deficiency – a lack in the ability to avoid disease,
V = virus – the virus.

* Window period is called the time, if someone is infected with HIV rises, at any time to check that the infection does not know. This period varies from 2 weeks to 6 months. Just like the person can infect the other.

* With HIV spread when an infected host may be unsafe sex, contaminated blood and blood products from the offer, deflower Syringe using needles and infected mother to the infant from birth prepay, post or delivery time may be .

* The following measures to avoid AIDS –

loyalty to their spouses, safe sex, the use of detention, the use of sterile injection and Syringe, blood or blood product before you accept it checked to ensure that they have HIV, to treat sexual preventable ill quickly. HIV is found in the human body is the substance the Body Fluids. HIV infection is not possible to safely donate blood. Unfortunately in HIV positive individuals, HIV infection has drawn in several organs occurs. Like – liver, brain, spleen, bone marrow, and so on. Full go bad blood out of the body and replaced with fresh blood can not get rid of HIV on delivery climbed.

*  Due to the rapid spread of AIDS is low –

Changes in the workplace (migration), and a new generation of Western civilization come into effect by the premarital sex, truck, bus driver, sailor, soldier, etc., several days Living at home is to stay out of the migrant population, and so on.

* Not immediately visible signs of AIDS. After a few weeks of HIV virus in the body to enter, some people in the fever, body aches, etc., flu-like symptoms appear. This must not happen with everyone. These symptoms disappear after a while. Then 3 years to 12 years are not any symptoms. On the surface, this may go undetected during the AIDS diagnosis. Persons with HIV destroys the ability to finally begin to fight preventable ill, the early symptoms of AIDS appear. Like – fatigue, unexplained weight loss in a short time, persistent diarrhea, influenza, cough for several weeks. Night sweats, lump or swelling on more than one destination, the secret of preventable ill be fair, to be repeatedly re-venereal disease, etc.

* AIDS prevention –

go make one sex partner, avoid sex with fun, safe sex adoption, HIV screening of blood-related to product, you may need blood sampled from the blood bank to take the blood. HIV-free blood only mounted when needed. injection’s needle, other needle, barber’s razor, barber’s blade, ear nose Piercing wire, tattoing needle, etc. Add water to boil each time until well after 20 minute brought into use. Not to treat sexual dysfunction increases the risk of HIV transmission is through sexual. Who have sex with more than one person is adopted, they have significantly increased the likelihood of HIV infection. The boils Rash on genital HIV from sexual diseases can easily enter.

* Remember –

venereal disease is dangerous for you, but in the initial stage of treatment is possible. For the treatment of sexual dysfunction symptoms necessary for contacting it. AIDS test results are kept absolutely secret. AIDS infected person enjoys all the human rights, which is a healthy person. Education, marriage, employment, treatment, etc. A, it can equally. AIDS infected persons is part of our own society. Many people unknowingly gets AIDS, their sympathy to the behaves. Longing to create new ones to life. Being human is our responsibility. AIDS-related misconception is prevalent in society.

* So, take care –

AIDS treatment for the disease is the primary defense. For complete information to contact the physician. Like other patients to care for AIDS-infected man ever.

*The following is not transmitted AIDS –

To embrace, kissing each other, coughs, sneezing, shaking hands with each other, eating together, mosquito, insects bites, to wear one another, Using the same toilet, together with gold, writing, reading together, in the same way by bus.

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* (2) reproduction related diseases (STD) Sexual Disease.
This, in both women and men in proportion to the number of diagnostics is emerging as many preventable ill.Such as:- 

* (i) disease in males –

Emission (Natural Omission), sperm discharge (Spermatorrhea), sperm ejaculation (primature Ejaculation), masturbation, impotence, sperm inferiority (Azoospermia), lack of sperm (Oligospermia) and others.

* (ii) disease in women –

often abort (Rh Factor), pregnancy stay (Non Sterlity), menstrual disturbances or to be more or less to be irregular (Monthly Course problem), breast milk angels or omit (Lactation Disease), White Blennenteria & Blood blennelytria (leucorrhoea), vaginal defect/Disease and others.

* (iii) The way in which the disease is found equally in both women and men –

will work short (HypoEsthesia) will work (Hyper Esthesia), work en: Excite (Aphrodisia), Sterility, reproductive organ infection disease (Reproductive Track Infection) , Urinary Tract Infection (Urinary Track Infection), Syphilis, Genital character transition (Genital Ulcer Infection), Gonorrhea, reproductive infectious disease/ physical relationships, STD (Sexual Transmited Disease), Sexually transmitted diseases/genital wart in (Human Pathogen Virus), Clamedila (Chlamydia), Trichomoniasis, mania (Hesteriya), congenital syphilis (By Born OR Heritage Syphilis), Chancroid, Genital ulcers/boils causing disease/venereal character boils (Genital Ulcer Disease), shingles (Herpes), Herpse Zoster, and more.

* All these symptoms are mostly preventable ill secret is found in both men and women. But some secret disease in men and women look different in different circumstances, which according to the symptoms are alike. Like – AIDS, infertility,Hesteriya, metal decay, etc; Both women and men have. All these symptoms and treatment of preventable ill secret is different, which is a simple cure some disease, and certain disease is difficult to treat. Completely preventable ill treatment of men and women from all the secret is possible.

* In the case of AIDS, in the event of infection early, hopeful attempt by the AIDS can be cured. In other circumstances, rescue treatment (prevention Treatment), at least avoiding the loss can be fully successful life with the help of medication. In proportion to their physical capacity and disease different person, circumstance, it is possible to see and understand the full treatment on. ‘Hope is the life, death, disappointment,’ ‘saying it fits perfectly on AIDS.

* AIDS infection in the root causes of the scientific and medical reasons such, the transition with the physical condition that afflicts the chemical structure, the following is- (A) infectious disease (Communicable Disease), (b) parasitic infections (c) Risk behaviors (d) sexual transmission of disease infection (STD Infection), (e) other proof / resistant (Vaccination).

* In the case of the secret preventable ill treatment of various drug and the disease, according to the ratio of the condition and amount of drug prescriptions are given. Therefore fully ‘doctor confidentiality’ come back/contact assess the situation, situation, circumstance remind the medical. Restraint , safety, food, shelter, and proper guidance is necessary for the venereal disease. The doctor prescribed to treat genital disease is all right.

 

 

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