MORAL EDUCATION

1323_504915402921826_1956672818_n                          प्रेरणा स्तम्भ.

१. हिंसा – श्रम के बिना संपदा, अंतरात्मा के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान, त्याग के बिना प्रार्थना, सिध्दांत हीन राजनीति, हिंसा की जड़ है.

२. काम – दुनिया मे करने के लिए बहुत सी चीजें है. हममे से प्रत्येक को अपने लिए एक कार्य चुन लेना चाहिए. हमारा यह चुनाव इस बात पर निर्भर होना चाहिए कि हम सर्वश्रेष्ठ ढ़ग से क्या कर सकते है.

3. शक्ति – यह दो प्रकार की होती है. पहला, दंड के भय दिखाकर प्राप्त की जाती है. दूसरा, प्रेम के जरिये प्राप्त होती है. दंड के भय के तुलना मे प्रेम से उत्पन शक्ति हजार गुना अधिक प्रभावी और शक्तिशाली होती है.

४. स्त्री – त्याग, नम्रता, श्रध्दा, विवेक, स्वेच्छा से कष्ट सहन, की सामर्थ्य रखने वाली स्त्री शक्तिपूर्ण होती है.

५. जीवन – इस प्रकार जियो, जैसे कि तुमको कल ही मरना है. इस तरह सीखो, जैसे कि तुमको हमेशा जीना है.

६. विकास – निरंतर विकास जीवन का नियम है. जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रुढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है, वो खुद को गलत स्थिति मे पहुंचा देता है.

७. संस्कृति – एक राष्ट्र की संस्कृति, उसमे रहने वाले लोगो के दिल और आत्मा मे रहती है.

८. विश्वास – अपने प्रयोजन मे दृढ़ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर, इतिहास के रुख को बदल सकता है.

९. लक्ष्य – कोई भी लक्ष्य, मनुष्य के साहस से बड़ा नही होता है. जो प्रयास नही करता है, वह निर्जीव के समान है.

१०. आत्म निर्माण – इस संसार मे अनेक पुण्य और परमार्थ है. दुसरो की सेवा सहायता करना पुण्य कार्य है. इससे कीर्ति, आत्मसंतोष, तथा सद्गति की प्राप्ति होती है. इन सबसे भी बढ़कर पुण्य-परमार्थ  ‘आत्म निर्माण’ है. अपने दुर्गुण (कुविचार, कुसंस्कार, ईर्ष्या, तृष्णा, क्रोध, द्रोह, चिंता, भय, वासना) को विवेक की सहायता से, आत्मज्ञान की अग्नि मे, जला देना बहुत बड़ा धर्म है. अपने अज्ञान को दूर करके “मन मंदिर’ मे ज्ञान का दीपक जलाना, भगवान की सच्ची पूजा है. अपनी ‘मानसिक – तुच्छता, दीनता, हीनता, दासता”, को हटाकर ”निर्भयता, सत्यता, पवित्रता, प्रसन्नाता”, की आत्मिक प्रवृति बढ़ाना, सभी प्रकार के दान से श्रेष्ठ है.

११. मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धी:- नई खोज का सदुपयोग, सामाजिक असमानता दूर करने मे किया जाना चाहिए.

१२. घमंड के तीन कारण:- वंश बल, वित्त बल, लोक बल. इन तीन का दुरुपयोग, विनाश का कारक है.    

                         Inspiration column.

1. Violence – labor without property, without conscience, knowledge, business without morality, science without humanity, without sacrificing prayer, inferior political theory, is the root of violence.

2. Work – in the world to have a lot of things. Each of us must choose one for themselves. We should also depend on the choice that we can make the best of what is proper.

3. Power – it is of two kinds. First, the fear of punishment is showing. Second, love comes through. The power generated from the fear of punishment in love is a thousand times more effective and powerful.

4. Female – sacrifice, humility, faith, conscience, voluntarily suffering, having the power of woman is powerful.

5. Life – Live Thus, as you die tomorrow. Thus learn, as you always have to live.

6. Development – Continuous development is the law of life. Orthodoxy itself the right to show the person who always tries to maintain, he conveys himself in the wrong position.

7. Culture – the culture of a nation, is in the heart and soul of people living in it.

8. Faith – faith in his purpose, having a subtle body, the trend could change history.

9. The goal – any goal, man of courage is not big. Who does not try, he is like inanimate.

10. Self build – many in this world is virtue and charity. The service is to help others and virtuous act. This fame, self-conceit, and leads to salvation. The most important virtue-charity ‘self build’ is. Its defects (cult, superstition, envy, greed, anger, malignancy, anxiety, fear, lust) with the help of the wisdom, enlightenment on fire, burning huge religion. By removing his ignorance “Mind Temple lamp burning in the knowledge, the true worship of God.” Mental – nullity, humility, inferiority, subservience ‘, replacing’ fearlessness, honesty, purity, cheerful ‘, the Increasing spiritual nature, is provided with all kinds of donations.

11. mankind’s greatest achievement: – New discovery utilize, to overcome social inequality should be on.

12. Boasting three reasons: – seed force, financial strength, Public Force. Abuse of these three, is a factor of destruction.             1901211_10152579134662897_3049726278654830258_n                                सफल प्रेरणा:-

1. काबिल बनो. कामयाबी तुम्हारे पीछे झक मार कर आएगी.
2. जो काम दुनिया को नामुमकिन लगे. वही मौका होता है करतब दिखाने के लिए.
3. बड़े से बड़ा बिजनेस सिर्फ पैसे से नहीं होताहै. एक बड़े आइडिया से बड़ा होता है.
4. मैं उठना चाहता हूं, दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं. बस रुकना नहीं चाहता.

5. नजदीकी फायदा देखने से पहले, दूर का नुकसान सोचना चाहिए.
6. जब तक हार नहीं होती. तब तक आदमी जीता हुआ रहता है.
7. वार करना है तो सामने वाले के गोल पर नहीं, सामने वाले के दिमाग पर करो. गोल खुद ब खुद हो जाएगा.
8. कभी किसी को इतना भी मत डराओ कि, डर ही खत्म हो जाए.
9. जो हारता है, वही तो जीतने का मतलब जानता है.
10.दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं. विनर और लूजर. लेकिन जिंदगी हर लूजर को एक मौका जरूर देती है, जिसमें वह विनर बन सकता है. 

                  Successful Inspirations:-

1. Be worthy. The success behind you will kill fad.
2. the work world seems impossible. Is the opportunity for juggling.
3. Do not just money comes into the greatest business. Is larger than a big idea.
4. I want to get up, I want to run, I want to fall too. Just do not stop.

5. Look closely before use, should think the loss.
6. Unless there is defeat. By then the man remains won.
7. If you wish to attack, not on the front of the goal, with the front of the brain. Round itself will be.
8. Do not ever scare me so much that, fearing it to be over.
9. Who loses, he knows it means winning.

10. There are two kinds of people in the world. Winner and loser. But the life of every loser there is a chance, he can become a winner.

                               *सफलता के लिए सात “संकल्प”.
१. समय के साथ चले:- समय से साथ कदमताल करते हुए मंजील पर पहुंच सकते है. वक्त किसी का इंतजार नही करता है. लेकिन समय चंचल भी नही होता है. अत: समय की कीमत समझिए. समय से चालबाजी मत करिए. आप समर्थ बनेंगे.
2. सत्य के छाये मे रहें:- सत्य अकेला हो सकता है. सत्य हारता नही है. सत्य की राह लंबी होती है. संक्षिप्त मार्ग अपनाने मे जोखिम ज्यादा है. झूठ फरेब, तिकड़म तिलिस्म से बाज आइए. आप सशक्त होगे.
३. सतत रहे:- परिस्थिति सम विषम हो सकती है. अपनी गति निरंतर कायम रखिए. एकाग्र और एकनिष्ठ होकर अपने ध्येय के लिए जुट जाए. आप सफल होगे.
४.  संगति अच्छे लोगो से:- संगति से सुगति और दुर्गति, दोनो होती है. रहन सहन पर संगति का बड़ा असर होता है. बुरी आदत एवं गलत संगत विनाश का कारण बनता है. नशा, व्यसन, जुआ, गंदा इश्क, इत्यादी से दूर रहे. आप सभ्य और सबल बनेंगे.
५. संयम के साथ:- आंतरिक और बाहरी, विकास के लिए संयम को धारण करना जरुरी तत्व है. आपकी अगली पीढ़ी में संबंध की भावना विकसित होती है. संयम का दामन से सम्मानित होंगे.
६. साहसी बने :- साहस और संधर्ष, से विषम परिस्थिति को पार कर सकते है. मानसिक और शारीरिक, दोनो स्तर पर आत्मबल बढ़ता है. आत्मिक शक्ति से आप सुखी और सदाशय होंगे.
७. समता की भावना रखें:- समाज के साथ व्यक्ति को गति प्रदान करती है. समता से समस्त अंतर्कलह समाप्त हो जाते है. सम भाव से आप सज्जन बनेंगे. 

          *Success for the seven “resolution”.
1. Over time away: – keep pace with time on the floor, is accessible. Time does not wait for anyone. But time is not too playful. Therefore, the value of time defined. Do not tact time. You will be able to.
2. Stay in truth dominated: – Truth alone can be. Truth is not to lose. There is a long road to the truth. Higher risk in the short path. Lie fraud, manipulation magic eagle’s. You must be strong.
3. Are continuing – even contrasting circumstances may occur. Keep your pace continued. And their goal is to begin to converge and exclusive. You will succeed.
4. Consistency with good people: – consistency welfare and misery, is both. Living has a major impact on the company. Bad habits and bad company causes destruction. Addicts, addiction, gambling, dirty love, etc. are off. You will be decent and strong.
5. With restraint: – internal and external, to hold the necessary elements for growth moderation. Develop a sense of connection to your next generation. The tail will be awarded sparingly.
6. Daredevil made: – courage and conflict, have crossed the contrary situation. Mental and physical, both at the level increases self. You will be happy and generous of spirit power.
7. Keep a sense of parity: – provides society with individual speed. Have eliminated all internal clash of parity. Even at a price you will be gentle.
                                     

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                                           मनुष्य की प्रवृति: तीन.

*जो मनुष्य बाधा के भय से कोई काम शुरु ही नही करते वे नीच स्तर के होते है.

*जो काम तो शुरु कर देते है परन्तु विध्न बाधा आते ही बीच मे ही काम छोड़ देते है  वे मध्यम स्तर के होते है.

*जो व्यक्ति विध्न होने पर भी काम को पूरा करके ही दम लेते है वे उच्च स्तर के  होते है.  

                                                *जीवन.
प्रश्न है, तो हल करो. इश्वर है, तो पूजा करो. स्वप्न है, तो साकार करो. चुनौती है, तो स्वीकार करो. अवसर है, तो लाभ उठाओ. नाव है, तो पार लगाओ. गुत्थी है,तो उसे सुलझाओ. खेल है, तो उसे जमकर खेलो. कष्ट है,तो साहस से झेलो. सुख-दुःख है,तो हँसकर झेलो. गीत है, तो प्रेम से गाओ. पुस्तक है,तो मनोयोग से पढ़ो. विषय है,तो शोध से अमृत करो. सन्देश है, तो वेग से फैलाओ. संघर्ष से शक्ति प्राप्त होती है. 
  

                                      Man’s nature: three.

*Men who have no fear of hindrance not only to start, they are lowly level.

*The work will start in the same job but leave as soon as the obstacle is hindrance they are middle class.

*hindrance by completing work on the individual’s own take is that they contain high levels.

                                                *life.
The question, then solve. God, then worship. Dream, so do come true. The challenge, then accept. Opportunity, then pick up gain. Boat, then put the cross. Nodule, then solve it. Game, play it fiercely. Is suffering, courage Suffer from. Joys and sorrows, then laughingly Suffer. Song, then sing of love. The book, then read studiously. The subject, then do research nectar. Is the message, then the spread velocity. The power struggle is received.
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                               *सफलता: एक परिभाषा.

*खाना खाए शांतचित हो कर. *जियें हौसले के साथ. * चलें सम्मान के साथ. * बोलें आदर एवं लय के साथ. *विचार करे  गहराई के साथ. *सेवा करे लगन के साथ. खर्च करे समझ के साथ. *बात सुने ध्यान से. *बहस करें तर्क के साथ. *धीरे बोलिए,शांति मिलेगी. *घमंड छोड़िए,बड़े बनेंगें. *विचार कीजिए,ज्ञान मिलेगा.* सेवा कीजिए,शक्ति मिलेगा. *सहन कीजिए, देवत्व मिलेगा. *संतोषी बनिए, सुख मिलेगा.

                              *सफलता सूत्र:-

1. खुद की कमाई से, कम खर्च  हो, ऐसी जिन्दगी बनाओ. 2. एक दिन मे कम से कम 3लोगो की प्रशंसा करो. 3. खुद की भुल स्वीकारने मे कभी भी संकोच मत करो. 4. किसी के सपनो पर हँसो मत. 5. आपके पीछे खड़े व्यक्ति को भी कभी कभी आगे जाने का मौका दो. 6. रोज हो सके तो सुरज को उगता हुए देखे.  7. अधिक जरुरी हो तभी कोई चीज  उधार लो. 8. किसी के पास से कुछ जानना हो तो विवेक से दो बार पुछो. 9. कर्ज और शत्रु को, कभी बड़ा मत होने दो. 10. समय और ईश्वर पर,  पुरा भरोसा रखो. 11. प्रार्थना करना कभी मत भुलो, प्रार्थना मे अपार शक्ति होती है. 12. अपने काम से मतलब रखो.  13. समय सबसे ज्यादा कीमती है, इसको अनावश्यक काम मे खर्च मत करो. 14. जो आपके पास है, उसी में खुश रहना सीखो. 15. बुराई कभी भी किसी  कि भी मत करो, क्योकि बुराई नाव मे छिद्र  के समान है, बुराई छोटी हो या  बड़ी, जिवन के नाव को डुबा ही देती है. 16. हमेशा सकरात्मक सोच रखो. 17. हर व्यक्ति मे एक हुनर होता है, उसे दुनिया के सामने प्रदर्शित करो. 18. कोई काम छोटा नही होता है, जरा सोचो, जो काम आप कर रहे हो, अगर वह काम आप नही करते तो, इसका दुनिया पर क्या असर होता. 19. सफलता उनको ही मिलती है, जो कुछ करते है. 20. कुछ पाने के लिए, कुछ खोना पड़ता है. 21. पेड़ बूढ़ा ही सही, बाग मे रहने दो. अगर फल नही दे सके, छाँव तो अवश्य देगा. उसी तरह, माता पिता बूढ़ा ही सही, घर मे रहने दो. अगर धन नही कमा सकते है, परन्तु आपके बच्चो को संस्कार अवश्य देगे.

                    *Success: A definition.

*Eats to be tranquil.  *With freshly live.  *Go with honor.  *Speak with respect and rhythm.  *With considerable depth.  *Serve with passion. * To spend with understanding.  *Listen carefully.  *To argue with logic.*Speak slowly, will find peace.*Forget vanity, large’ll be the. *Consider, will gain knowledge.* Services do, will-power.* Please bear, will divinity. *Be contented, will get pleasure.

                      *Success formula:-

1. Own revenues, lower expenses, make a life. 2. At least 3 people a day to give thanks. 3. Do not ever hesitate in accepting themselves forgotten. 4. Do not laugh at anyone’s dreams. 5. Sometimes even the person standing behind you a chance to go ahead. 6. If this can be seen every day the sun rises. 7. If necessary, borrow something more. 8. Anyone know if there is some discretion, ask me twice. 9. Debt and enemy, not ever let it be bigger. 10. Time and in God, Full Trust. 11. Never forget that prayer, prayer has immense power. 12. Mind your own business. 13. Time is the most precious, do not spend it on unnecessary work. 14. If you have, learn to be happy in that. 15. Any that do not do any harm, because evil is similar to holes in the boat, the evil Big and small, Life is to sink the boat itself. 16. Always keep thinking positive. 17. In every person there is a skill, let him appear in front of the world. 18. No work is not small, just think, you’re working, if it works, if you do not, what effect on the world. 1 9. Those are the ways of success, which is something. 20. You win some, you lose some. 21. Tree old right, let it be in the garden. If the fruit could not, will surely shade. Similarly, parents, old right, let it be in the home. If the money can not earn, but your children must shelve rites. 

15 - 1                          *मनोवृत्ति: – आगे एक सफलता।

*जीवन में 100% सफलता इस बात पर निर्भर करता है , कि जीवन और काम के प्रति हमारा रवैया क्या है। जब हम अपने रवैया में परिवर्तन करेगे, तभी हर समस्या का समाधान होगा।

*बहुत सुन्दर सन्देश:-मन को मारो नहीं, मन पर अंकुश रखो. मन सुधरेगा तो जीवन भी सुधरेगा। अतः मन को विवेक से रोज वश मे करो. कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है, परन्तु रोटी की साईज़ लगभग सब घर में एक जैसी ही होती है. अगर आप किसी को छोटा देख रहे हो, तो आप उसे “दूरी” से देख रहे हो,या अपने “घमंड” से देख रहे हो !

*ध्यान दे:- विचार से शब्द बनते है. शब्द से कार्य बनते है. कार्य से स्वभाव बनते है. स्वभाव से आदत बनते है. आदत से चरित्र बनते है. चरित्र से जिवन आदर्श बनते है.                                      

                    *Attitude: – a breakthrough ahead.

*100% success in life depends on it, that is our attitude towards life and work. When we change our attitude, we will only have to solve every problem.

*Very beautiful message:- Hit the mind, not the mind to keep a check on. Improving the life improving the mind. So do preoccupy the mind conscience everyday. Earnings may be small or large, but the size of the bread is similar to one in almost all home. so if you are looking at small, you “distance” are looking, or “vanity” are looking at!

*Pay attention:- The idea is to form words. The word is formed by the action. The nature of the work is made. Habit is formed by nature. The character has become habit. Life is made perfect in character. 

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