• मेरा जन्म चिकित्सक, किसान, सामाजिक, बौद्धिक, विचारक परिवार में हुआ। हमें परिस्थितिवश पिता का सानिध्य जन्म से ही उनके कार्य क्षेत्र मे साथ रहने को मिला। अत: हमे काँलेज के दिनो तक चिकित्सा, कृषि, सामाजिक, बौद्धिक, विचारक, इन सारी गुनो का कार्य अनुभव ज्ञान हो चुका था। मेरे पिता एलोपैथ, आयुर्वेद, होमियोपैथ के साथ असाध्य रोग एवं मलेरिया विशेषज्ञ थे। मै चिकित्सा क्षेत्र के सभी पद्धतियो मे अनुसंधानक हुँ। मुझे कला, वाणिज्य, विज्ञान के सभी विधियो पर अनुभव एवं ज्ञान प्राप्त है। 
    बाद के बर्षो में मै अध्यात्म शास्त्र, ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र, तंत्र शास्त्र, मंत्र शास्त्र, एवं सभी निगुढ़ औरअगुढ़ विध्धा का ज्ञान एवं अनुसंधान प्राप्त किया। 
    हमे, इन विधियो के साथ, कुटनिति, रणनिति, गृह निति, विदेश निति, समाज निति, निति निर्धारण, एवं इन सभी विधियो का व्यवस्थान ज्ञान है।
    मै अपने पिता के द्वारा मिले संस्कार एवं ज्ञान अनुभव को नमन करता हुँ। 
  • I was born in a doctor, farmer, social, intellectual, thinker family. We got to live with the father in his field of work since birth. Therefore, till the days of college, we had got the experience and knowledge of medicine, agriculture, social, intellectual, thinker, all these things. My father was an allopath, ayurveda, homeopath with incurable diseases and malaria specialist. I am a researcher in all methods of medical field. I have got experience and knowledge on all the methods of arts, commerce, science.
    In later years, I acquired knowledge and research of spiritual science, astrology, Vastu Shastra, Tantra Shastra, Mantra Shastra, and all the subtle and advanced methods.
    We, along with these methods, have the knowledge of diplomacy, strategy, home policy, foreign policy, social policy, policy determination, and management of all these methods.
    I bow down to the culture and knowledge gained by my father.